मज़ा तो तब आए जब वक़्त बदले पर यार ना बदले।
मेरा सबसे अच्छा साथी तू ही है, जिगरी दोस्त,
सच्ची दोस्ती बस दिल से निभाई जाती है जान।
“तेरी यारी दिल की धड़कन, तेरा प्यार जान की पहचान।”
शायद उन्हें कोई दोस्त तुम-सा नहीं मिलता।
पर उनकी यादें हर वक़्त दोस्ती बनकर जीती हैं।
गीता में मित्रता को सत्य, धर्म Dosti Shayari और स्वार्थ रहित सहयोग के आधार पर परिभाषित किया गया है। सच्चा मित्र हमेशा सही मार्ग पर साथ देता है।
एक तू भी शामिल है मेरी कमज़ोरियों में।
“तेरी यारी से ही जिंदगी सुंदर, तेरे बिना सब कुछ फीका।”
हमारी दोस्ती में जितना प्यार है, उतनी शरारतें भी हैं,
“जैसे पुरानी तस्वीरें, वैसी ही दोस्ती।”
क्या यह शायरी सामग्री अन्य शायरी ब्लॉग पर भी उपलब्ध है?
कभी तुझे चिढ़ा कर, कभी तुझसे शरारत कर, हम मस्त रहते हैं!
अपना तो आशियाना दोस्तों के दिल में है।